2021 PYQ Test : FREE Lesson Content Q&A 93 Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. Total NO. of Questions: 63 Time: 40 Minutes Time’s up Please Submit the Test. राजनीति विज्ञान UP TGT PYQ 2021 1 / 63 भारत का संविधान मान्यता देता है- केवल भाषाई अल्पसंख्यक धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक धार्मिक, भाषाई और नृजातीय अल्पसंख्यक केवल धार्मिक अल्पसंख्यक संविधान धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को मान्यता देता है। भारतीय संविधान में अनुच्छेद 29 और 30 के माध्यम से अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति की रक्षा तथा शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का अधिकार दिया गया है। 2 / 63 आक्रामक राष्ट्रवाद के चार प्रमुख तत्त्व स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा तथा निष्क्रिय प्रतिरोध किसके अनुसार थे? लाला लाजपत राय बाल गंगाधर तिलक अरबिंदो घोष बिपिन चंद्र पाल आक्रामक राष्ट्रवाद के ये तत्व बिपिन चंद्र पाल से जुड़े हैं। बिपिन चंद्र पाल ने उग्र राष्ट्रवाद का समर्थन किया और स्वदेशी, बहिष्कार तथा राष्ट्रीय शिक्षा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी। 3 / 63 निम्नलिखित में से किसने मताधिकार के लिए योग्यता का समर्थन दिया? टी. एच. ग्रीन जे. बेन्थम ई. बार्कर जे. एस. मिल मिल मताधिकार में योग्यता के पक्षधर माने जाते हैं। मिल के अनुसार मताधिकार सभी को समान रूप से नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि शिक्षित और सक्षम व्यक्तियों को अधिक महत्व मिलना चाहिए। वे गुणवत्तापूर्ण निर्णय के लिए बहुल मतदान का समर्थन करते थे। 4 / 63 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत मंत्रिगण सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी हैं? 75 73 74 76 मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है। संसदीय प्रणाली में मंत्रिपरिषद सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत पर काम करती है और अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर इस्तीफा देती है। 5 / 63 निम्नलिखित में कौन-सा सही सुमेलित है? फॉसीवाद – इटली गिल्ड समाजवाद – जर्मनी फेबियनवाद – सोवियत संघ नाज़ीवाद – फ्रांस फासीवाद का संबंध इटली से है। फासीवाद एक तानाशाही विचारधारा है जिसका उदय इटली में हुआ और इसमें राष्ट्रवाद तथा एकदलीय शासन पर बल दिया गया। 6 / 63 भारत की संसद मंत्रिपरिषद के कार्यों पर इनके माध्यम से नियंत्रण स्थापित करती है- i. स्थगन प्रस्ताव ii. प्रश्न काल iii. पूरक प्रश्न i, ii और iii पूरक प्रश्न स्थगन प्रस्ताव प्रश्न काल संसद नियंत्रण के लिए प्रश्नकाल, स्थगन प्रस्ताव और पूरक प्रश्नों का उपयोग करती है। संसद इन उपकरणों के माध्यम से सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करती है और कार्यपालिका पर प्रभावी नियंत्रण रखती है। यहाँ इसका विवरण दिया गया है: i. स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion): यह किसी अत्यंत महत्वपूर्ण और अविलंबनीय सार्वजनिक मामले पर सदन का ध्यान खींचने के लिए लाया जाता है। यह सरकार की चूक या विफलता की आलोचना करने का एक सशक्त तरीका है। ii. प्रश्न काल (Question Hour): संसद के प्रत्येक सदन की बैठक का पहला घंटा प्रश्न काल होता है, जिसमें सांसद मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज के बारे में सवाल पूछते हैं। यह सरकार की जवाबदेही तय करने का प्राथमिक साधन है। iii. पूरक प्रश्न (Supplementary Questions): प्रश्न काल के दौरान किसी मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर से संतुष्ट न होने पर या स्पष्टीकरण के लिए सदस्य पूरक प्रश्न पूछ सकते हैं। इससे सरकार को घेरने और गहराई से जानकारी निकालने में मदद मिलती है. 7 / 63 किस चिन्तक ने कहा था कि राज्य व्यक्ति का वृहद् रूप है? प्लेटो हॉब्स अरस्तू रूसो प्लेटो राज्य को व्यक्ति का वृहद रूप मानते हैं। प्लेटो के अनुसार राज्य व्यक्ति का विस्तृत रूप है, जिसमें विभिन्न वर्ग व्यक्ति के गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं और सामंजस्य से आदर्श राज्य बनता है। 8 / 63 निम्नलिखित में से कौन लोकतंत्र का एक सिद्धान्तकार नहीं है? जे. जे. रूसो ई. डब्ल्यू. नीटशे जे. एस. मिल एलेक्स डी टाकविले नीटशे लोकतंत्र के सिद्धान्तकार नहीं थे। नीटशे लोकतंत्र के आलोचक थे और उन्होंने श्रेष्ठ व्यक्ति (Übermensch) की अवधारणा दी, जिसमें उन्होंने जनसत्ता की बजाय शक्तिशाली व्यक्तियों के महत्व को अधिक माना। 9 / 63 प्रभुसत्ता के कानूनी सिद्धांत के प्रतिपादन का श्रेय दिया जाता है बेंथम को लॉक को बोदां को ऑस्टिन को कानूनी प्रभुसत्ता सिद्धान्त ऑस्टिन से संबंधित है। ऑस्टिन ने कहा कि कानून संप्रभु की आज्ञा है और राज्य सर्वोच्च विधिक सत्ता है। 10 / 63 विद्वानों को उनके विचारों के साथ सुमेलित कीजिए: विद्वान विचार a. थ्रेसीमेकस i. न्याय शक्तिशाली का हित है b. बोदां ii. अधिकतम शक्ति से डकैतों का समूह निर्मित हो सकता है, न कि राज्य c. टी. एच. ग्रीन iii. इच्छा, न कि शक्ति, राज्य का आधार है d. माओ-त्से-तुंग iv. शक्ति बन्दूक की नली से निकलती है a-ii, b-i, c-iv, d-iii a-i, b-ii, c-iii, d-iv a-i, b-iv, c-ii, d-iii a-ii, b-iv, c-iii, d-i थ्रेसीमेकस-न्याय शक्तिशाली का हित, बोदां-समूह नहीं राज्य, ग्रीन-इच्छा, माओ-शक्ति। विभिन्न विचारकों ने न्याय और राज्य की अलग अवधारणाएँ दीं, जिनमें शक्ति, इच्छा और राज्य की सर्वोच्चता प्रमुख तत्व हैं। सही कूट (Code):a-i, b-ii, c-iii, d-iv संक्षिप्त विवरण: थ्रेसीमेकस (Thrasymachus): प्लेटो की ‘रिपब्लिक’ में थ्रेसीमेकस ने तर्क दिया था कि “न्याय शक्तिशाली का स्वार्थ (interest) है”। जीन बोदां (Jean Bodin): इन्होंने संप्रभुता के सिद्धांत पर जोर देते हुए राज्य को डकैतों के समूह से अलग माना। टी. एच. ग्रीन (T.H. Green): एक उदारवादी विचारक के रूप में उनका प्रसिद्ध कथन है, “Will, not force, is the basis of the state.” माओ-त्से-तुंग (Mao Zedong): चीनी क्रांतिकारी नेता माओ का मानना था कि राजनीतिक सत्ता केवल सशस्त्र शक्ति के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। 11 / 63 निम्नलिखित कार्याधिकारियों पर विचार कीजिए: i. कैबिनेट सचिव ii. मुख्य निर्वाचन आयुक्त iii. केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री iv. भारत के मुख्य न्यायाधीश प्राथमिकता के आधार पर सही क्रम होगा iii iv i ii iv iii i ii iii iv ii i iv iii ii i मुख्य न्यायाधीश, कैबिनेट मंत्री, निर्वाचन आयुक्त, कैबिनेट सचिव के रूप में क्रम दिया गया है। यह क्रम भारत की वरीयता सूची को दर्शाता है जिसमें विभिन्न पदों का महत्व और स्थान निर्धारित होता है। 12 / 63 संविधान का कौन-सा अनुच्छेद यह व्यवस्था देता है कि प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर मातृभाषा में निर्देश देने की समुचित सुविधा प्रदान करना प्रत्येक राज्य का प्रयत्न होना चाहिए? 350-A 350 351 349 मातृभाषा शिक्षा से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 350-A में है। अनुच्छेद 350-A राज्यों को निर्देश देता है कि वे प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराएँ, जिससे समझ और बौद्धिक विकास बेहतर हो सके। 13 / 63 हर राज्य की पहचान इस बात से होती है कि उसने किन अधिकारों को मान्यता दे रखी है यह कथन किसका है? महात्मा गाँधी जॉन राउल्स राबर्ट नॉज़िक हेराल्ड जोसेफ लास्की यह विचार लास्की से संबंधित है। लास्की ने बहुलवाद और राज्य की सीमित शक्ति पर बल दिया तथा विभिन्न सामाजिक समूहों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना। 14 / 63 निम्न में से किसने 1951 में, नेहरू मंत्रिमंडल से हिन्दु कोड बिल को लेकर त्यागपत्र दिया? आर. के. षङ्मुखम चेट्टी सी. राजगोपालाचारी बी. आर. अम्बेडकर बी. एस. मुंजे हिन्दू कोड बिल के मुद्दे पर अम्बेडकर ने त्यागपत्र दिया। अम्बेडकर ने 1951 में कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया क्योंकि हिन्दू कोड बिल पारित नहीं हो सका, जो महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए महत्वपूर्ण था। 15 / 63 राष्ट्रीय विकास परिषद के गठन में निम्नलिखित में कौन-कौन सम्मिलित हैं ? i. प्रधानमंत्री ii. वित्त आयोग का अध्यक्ष iii. केन्द्रीय कैबिनेट के मंत्री iv. राज्यों के मुख्यमंत्री नीचे दिए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए : ii और iv i, iii और iv i, ii और iii सभी राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) के गठन में प्रधानमंत्री (i), केन्द्रीय कैबिनेट के मंत्री (iii), और राज्यों के मुख्यमंत्री (iv) शामिल होते हैं। वित्त आयोग का अध्यक्ष इसका सदस्य नहीं होता है। अतः सही विकल्प i, iii और iv (प्रधानमंत्री, केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री, और राज्यों के मुख्यमंत्री) हैं। वित्त आयोग का अध्यक्ष (ii): यह परिषद के स्थाई सदस्य नहीं होते हैं। इन्हें केवल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है, लेकिन ये गठन का अनिवार्य हिस्सा नहीं हैं। 16 / 63 किसने राज्य को एक ऐसा संगठन माना है जो सर्वसाधारण को सामाजिक हित की सिद्धि में सहायता देता है? महात्मा गाँधी विलोबी डाइसी लास्की लास्की राज्य को कल्याणकारी संगठन मानते हैं। लास्की के अनुसार राज्य का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित करना है तथा समान अवसर और न्याय प्रदान करना है। 17 / 63 किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक बार से अधिक अभियोजित और दण्डित नहीं किया जाएगा यह किस अनुच्छेद में वर्णित है? अनुच्छेद 14 अनुच्छेद 15 अनुच्छेद 19 अनुच्छेद 20 यह प्रावधान अनुच्छेद 20 में है। अनुच्छेद 20 अपराधों के संदर्भ में सुरक्षा देता है, जिसमें पूर्वव्यापी दंड से बचाव, दोहरे दंड से सुरक्षा और आत्मदोषारोपण के विरुद्ध अधिकार शामिल हैं। 18 / 63 निम्नांकित में से कौन-सी डॉ. अम्बेडकर की रचनाएँ हैं? i. एन्नीहिलेशन ऑफ कास्ट ii. थॉट ऑन पाकिस्तान iii. रानाडे, गाँधी एण्ड जिन्ना iv. द बुद्धा एण्ड हिज धम्म i, ii और iv i और iv i और iii i, ii, iii और iv ये सभी रचनाएँ अम्बेडकर से संबंधित हैं। अम्बेडकर ने सामाजिक न्याय, समानता और जाति प्रथा के उन्मूलन पर कई महत्वपूर्ण रचनाएँ कीं, जो भारतीय समाज सुधार और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना में आधारभूत सिद्ध हुईं। ये चारों (i, ii, iii और iv) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं। यहाँ इनका संक्षिप्त विवरण दिया गया है: एन्नीहिलेशन ऑफ कास्ट (Annihilation of Caste – 1936): यह उनका सबसे प्रभावशाली वैचारिक कार्य है, जो मूल रूप से एक भाषण के रूप में तैयार किया गया था। इसमें उन्होंने जाति व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है। थॉट्स ऑन पाकिस्तान (Thoughts on Pakistan – 1940): इस पुस्तक में उन्होंने पाकिस्तान की मांग और भारत के विभाजन के राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं का गहरा विश्लेषण किया था। रानाडे, गाँधी एण्ड जिन्ना (Ranade, Gandhi and Jinnah – 1943): यह एक भाषण था जिसे उन्होंने महादेव गोविंद रानाडे की 101वीं जयंती पर दिया था। इसमें उन्होंने इन तीनों नेताओं के राजनीतिक दर्शन की तुलना की है। द बुद्धा एण्ड हिज धम्म (The Buddha and His Dhamma – 1957): यह डॉ. अम्बेडकर की अंतिम कृति है, जो उनके निधन के बाद प्रकाशित हुई थी। यह बौद्ध धर्म पर उनका एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। 19 / 63 सम्प्रभुता नागरिकों और प्रजाजनों के ऊपर विधि द्वारा अमर्यादित राज्य की सर्वोच्च शक्ति है यह किसका वक्तव्य है? अयातुल्ला खोमेनी एच. गार्डनर हेराल्ड लास्की जे. बोदां सम्प्रभुता की यह परिभाषा बोदां से संबंधित है। बोदां ने सम्प्रभुता को राज्य की सर्वोच्च, स्थायी और अविभाज्य शक्ति बताया जो किसी अन्य सत्ता के अधीन नहीं होती। 20 / 63 सूची। को सूची ।। के साथ सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए : सूची। सूची ।। a. हेगेल i. न्यायिक b. ऑस्टिन ii. समाजशास्त्रीय c. मैकाइवर ii. विवरणात्मक d. गार्नर iv. तत्त्वशास्त्रीय a-i, b-ii, c-iii, d-iv a-iv, b-i, c-iii, d-ii a-iv, b-iii, c-ii, d-i a-iv, b-i, c-ii, d-iii हेगेल-तत्त्वशास्त्रीय, ऑस्टिन-न्यायिक, मैकाइवर-समाजशास्त्रीय, गार्नर-विवरणात्मक। विभिन्न विचारकों ने राज्य के अलग-अलग दृष्टिकोण दिए, जैसे हेगेल ने दार्शनिक, ऑस्टिन ने कानूनी, मैकाइवर ने सामाजिक और गार्नर ने विवरणात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। सही कूट (Code):a-iv, b-i, c-ii, d-iii संक्षिप्त विवरण: हेगेल (Hegel): इन्होंने राज्य और राजनीति के अध्ययन के लिए तत्त्वशास्त्रीय या दार्शनिक पद्धति का समर्थन किया। ऑस्टिन (Austin): जॉन ऑस्टिन संप्रभुता के कानूनी या न्यायिक सिद्धांत के मुख्य प्रवर्तक माने जाते हैं। मैकाइवर (MacIver): इन्होंने राज्य को एक सामाजिक संरचना के रूप में देखा और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण अपनाया। गार्नर (Garner): गार्नर की अध्ययन पद्धति मुख्य रूप से वर्णनात्मक और विश्लेषणात्मक रही है। 21 / 63 भारत की संचित निधि से धन-निकासी का प्राधिकार प्राप्त होता है प्रधानमंत्री से केन्द्रीय वित्तमंत्री से राष्ट्रपति से संसद से संचित निधि से निकासी का अधिकार संसद से प्राप्त होता है। भारत की संचित निधि से धन की निकासी संसद की अनुमति से ही होती है, जिससे सरकारी व्यय पर लोकतांत्रिक नियंत्रण सुनिश्चित होता है। 22 / 63 भारत में रह रहा एक ब्रिटिश नागरिक किस अधिकार का दावा नहीं कर सकता? व्यापार और व्यवसाय की स्वतंत्रता जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा धर्म की स्वतन्त्रता विधि के समक्ष समानता यह अधिकार केवल नागरिकों को उपलब्ध माना जाता है। भारतीय संविधान में कुछ मौलिक अधिकार जैसे स्वतंत्रता और समानता केवल नागरिकों को दिए गए हैं, जो विदेशी नागरिकों को प्राप्त नहीं होते। 23 / 63 दलबदल-निषेध से सम्बन्धित प्रावधान संविधान की किस अनुसूची में है? दूसरी अनुसूची आठवीं अनुसूची दसवीं अनुसूची पाँचवी अनुसूची दलबदल-निषेध दसवीं अनुसूची में है। दसवीं अनुसूची में दलबदल विरोधी कानून है, जो राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए दल बदलने पर रोक लगाता है। 24 / 63 संयुक्त राष्ट्र महासभा में शांति के लिए एकता प्रस्ताव किस वर्ष में अपनाया गया था? 1950 1977 1951 1967 यह प्रस्ताव 1950 में अपनाया गया था। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना, जिससे लोकतांत्रिक शासन प्रणाली स्थापित हुई। 25 / 63 मूल अधिकारों को प्रवर्तित करने के लिए रिट जारी कर सकते हैं- जिला न्यायालय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय दोनों केवल उच्चतम न्यायालय राष्ट्रपति अनुच्छेद 32 और 226 के तहत रिट जारी की जा सकती है। अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय और 226 के तहत उच्च न्यायालय रिट जारी करते हैं, जो मौलिक अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण साधन हैं। 26 / 63 किसने कहा समानता की अभिलाषा के कारण स्वतन्त्रता की आशा ही व्यर्थ हो गई? लॉर्ड एक्टन लॉक एच. लास्की जी. डी. एच. कोल यह कथन लॉर्ड एक्टन से जोड़ा गया है। लॉर्ड एक्टन का प्रसिद्ध कथन सत्ता के दुरुपयोग के खतरे को दर्शाता है और यह बताता है कि निरंकुश शक्ति भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है, इसलिए नियंत्रण आवश्यक है। 27 / 63 किसने कहा स्वतंत्रता अति-शासन की विरोधी है? हॉब्स लॉक सीले लास्की सीले ने स्वतंत्रता को अतिशासन का विरोधी माना। सीले के अनुसार स्वतंत्रता का अर्थ सरकार के अत्यधिक हस्तक्षेप का अभाव है और सीमित शासन ही नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है। 28 / 63 किस भारतीय अधिनियम के द्वारा भारतीय प्रान्तों में द्वैधशासन की स्थापना की गई? 1919 का भारत शासन अधिनियम 1935 का भारत शासन अधिनियम 1947 का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1909 का भारत शासन अधिनियम 1919 अधिनियम से द्वैधशासन लागू हुआ। इस अधिनियम के तहत प्रांतों में प्रशासन को आरक्षित और हस्तांतरित विषयों में बाँटकर द्वैधशासन लागू किया गया। 29 / 63 निम्नलिखित में से कौन-सा एक लक्षण संप्रभुता का नहीं है? पूर्णता अदेयता विभाज्यता सार्वभौमिकता संप्रभुता विभाज्य नहीं होती। पारंपरिक सिद्धांत के अनुसार संप्रभुता सर्वोच्च और अविभाज्य शक्ति है, जिसे किसी अन्य सत्ता में विभाजित नहीं किया जा सकता और जो राज्य का अंतिम अधिकार होती है। 30 / 63 1963 में लोकपाल शब्द का प्रतिपादन सर्वप्रथम किसने किया? ज्योति बसु चौधरी चरण सिंह मोरारजी देशाई एल. एम. सिंघ्वी लोकपाल शब्द को एल. एम. सिंघ्वी से जोड़ा जाता है। लोकपाल संस्था भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनाई गई, जिसका उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। 31 / 63 निम्नलिखित का सही ऐतिहासिक कालानुक्रम बताइये: i. गोल मेज सम्मेलन ii. भारत छोड़ो आन्दोलन iii. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की रचना iv. साइमन कमीशन i iv ii iii iii iv i ii iv ii iii i iii ii iv i दिए गए घटनाक्रम के अनुसार यह क्रम सही माना गया है। घटनाओं का सही कालक्रम समझना इतिहास और राजनीति के अध्ययन में महत्वपूर्ण है जिससे संबंध स्पष्ट होते हैं। iii. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की रचना – 1885 iv. साइमन कमीशन – गठन 8 नवम्बर 1927 i. गोल मेज सम्मेलन – 1930–1932 ii. भारत छोड़ो आन्दोलन – 1942 32 / 63 किसका मत है कि मनुष्य को स्वतंत्र होने के लिए बाध्य किया जा सकता है? मिल गाँधी रूसो अरस्तू यह प्रसिद्ध कथन रूसो से जुड़ा है। रूसो का कथन सामाजिक अनुबंध सिद्धांत को दर्शाता है जिसमें स्वतंत्रता और सामाजिक बंधनों की चर्चा है। 33 / 63 अनुच्छेद 352 में आंतरिक अंशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह शब्द किस संविधान संशोधन से आया? 35वाँ 52वाँ 42वाँ 44वाँ 44वें संशोधन द्वारा यह परिवर्तन किया गया। 44वें संशोधन से आपातकालीन प्रावधानों में सुधार हुआ और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत किया गया। 34 / 63 राज्य के आवश्यक तत्त्व हैं- आर्थिक संसाधन, जनसंख्या, सरकार, सम्प्रभुता राष्ट्रपति, सम्प्रभुता, राजनीतिक दल, भूभाग भूभाग, जनसंख्या, सरकार, सम्प्रभुता जनसंख्या, भूभाग, समुद्र, सरकार राज्य के चार आवश्यक तत्व यही हैं। राज्य के चार प्रमुख तत्व जनसंख्या, निश्चित भू-भाग, सरकार और संप्रभुता हैं। इन तत्वों के बिना राज्य की कल्पना संभव नहीं होती और यही उसकी पहचान निर्धारित करते हैं। 35 / 63 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में यह वर्णित है कि, “ग्राम सभा, ग्राम स्तर पर ऐसी शक्तियों का प्रयोग और ऐसे कृत्यों का पालन कर सकेगी, जो किसी राज्य के विधान मंडल द्वारा, विधि द्वारा, उपबंधित किए जाएँ” ? अनुच्छेद 243(घ) अनुच्छेद 243(क) अनुच्छेद 243(ग) अनुच्छेद 243(ख) ग्राम सभा का प्रावधान अनुच्छेद 243(क) में है। 73वें संशोधन के तहत ग्राम सभा को स्थानीय लोकतंत्र की आधार इकाई बनाया गया, जहाँ ग्रामीण जनता सीधे निर्णय प्रक्रिया में भाग लेती है। 36 / 63 क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दण्डादेश निलंबन, परिहार या लघुकरण की राजदश की शक्ति भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णित है? Article 161 Article 123 Article 162 Article 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति अनुच्छेद 72 में है। अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को दया, क्षमा और दंड में परिवर्तन की शक्ति देता है, विशेषकर मृत्युदंड के मामलों में। 37 / 63 वैध सम्प्रभु वह निश्चित सत्ता है जो राज्य के सर्वोच्च आदेशों को वैध रूप में व्यक्त कर सके यह परिभाषा किसने दी? गार्नर बार्कर गिलक्राइस्ट सीले वैध संप्रभु की यह परिभाषा बार्कर से संबंधित है। बार्कर के अनुसार वैध संप्रभुता वह है जो कानून और नैतिकता दोनों के आधार पर स्वीकार्य हो तथा जनता की सहमति से संचालित होती हो। 38 / 63 पराएपन की संकल्पना कार्ल मार्क्स ने अपनी किस पुस्तक में दी है? द इकॉनामिक एण्ड फिलॉसॉफिक मैनुस्क्रिप्ट ऑफ 1844 द कम्यूनिस्ट मेनिफेस्टो द जरमन आइडियोलॉजी दास कैपिटल अलगाव या पराएपन की संकल्पना 1844 की पांडुलिपियों में मिलती है। मार्क्स ने 1844 की पांडुलिपियों में श्रमिकों के श्रम, उत्पाद और समाज से अलगाव की अवधारणा को स्पष्ट किया। 39 / 63 प्रकृति ने मानवजाति को दो स्वामियों सुख और दुःख की अधीनता में रखा है यह विचार है अरस्तू का महात्मा गाँधी का बेन्थम का मार्क्स का यह उपयोगितावाद का आधारभूत विचार है। उपयोगितावाद अधिकतम लोगों के अधिकतम सुख पर आधारित है और नैतिकता को परिणामों से जोड़ता है। 40 / 63 द मॉडर्न स्टेट नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं? मैकियावेली एम.पी. फॉलेट आर. एम. मैकआइवर औपेनहाइमर द मॉडर्न स्टेट आर. एम. मैकाइवर की रचना है। इस पुस्तक में मैकाइवर ने राज्य की प्रकृति, कार्य और समाज के साथ उसके संबंधों का विश्लेषण किया है। 41 / 63 पूना समझौता पर हस्ताक्षरकर्ता कौन थे? गाँधी-अम्बेडकर जिन्ना-नेहरू अम्बेडकर-नेहरू गाँधी-जिन्ना पूना समझौता गांधी और अम्बेडकर के बीच हुआ। 1932 में हुए इस समझौते से अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया। 42 / 63 किसने कहा कि चूँकि समाज का स्वरूप संघात्मक है इसलिए सत्ता का स्वरूप भी संघात्मक होना चाहिए? जी. डी. एच. कोल लास्की आर. एम. मैकाइवर गार्नर संघात्मक समाज के अनुरूप संघात्मक सत्ता का विचार जी. डी. एच. कोल से जुड़ा है। कोल ने गिल्ड समाजवाद के माध्यम से संघात्मक समाज का विचार प्रस्तुत किया, जिसमें सत्ता का विकेंद्रीकरण विभिन्न समूहों में होता है। 43 / 63 यह किसका कथन है कि, “द्विसदनात्मक विधायिका ऐसी संसद है, जो अपने ही विरुद्ध विभाजित होती है” ? बार्कर गार्नर ब्राइस गिलक्राइस्ट द्विसदनवाद पर यह कथन ब्राइस से जोड़ा जाता है। ब्राइस के अनुसार द्विसदनवाद कानून निर्माण में संतुलन, व्यापक विचार-विमर्श और त्रुटियों में कमी लाता है, जिससे विधायी प्रक्रिया अधिक परिपक्व और प्रभावी बनती है। 44 / 63 निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान का अभिरक्षक है? भारत का राष्ट्रपति भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत का प्रधानमंत्री लोकसभा सचिवालय संविधान का अंतिम संरक्षक सर्वोच्च न्यायालय माना जाता है। सर्वोच्च न्यायालय न्यायिक पुनरावलोकन के माध्यम से संविधान की रक्षा करता है और सरकारी कार्यों की वैधता सुनिश्चित करता है। 45 / 63 सब कुछ राज्य के भीतर, राज्य के बाहर कुछ नहीं, और राज्य के विरुद्ध कुछ नहीं। यह कथन किस प्रकार के राज्य की ओर संकेत करता है? वर्ग व्यवस्था कल्याणकारी राज्य प्रजातान्त्रिक राज्य सर्वाधिकारवादी राज्य यह फासीवादी/सर्वाधिकारवादी राज्य का सिद्धान्त है। इसमें सत्ता एक व्यक्ति या दल के हाथ में केंद्रित होती है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सीमित होती है, राज्य को सर्वोच्च माना जाता है। 46 / 63 प्राकृतिक अवस्था में मनुष्य बुद्धि या तर्क-वितर्क के बजाय भावनाओं से संचालित था, यह किसके अनुसार है? लॉक हॉब्स बेन्थम रूसो रूसो प्राकृतिक अवस्था को भावनात्मक मानते हैं। रूसो के अनुसार प्राकृतिक अवस्था सरल, शांत और भावनात्मक थी, जहाँ मनुष्य स्वाभाविक रूप से अच्छा था लेकिन समाज के विकास से असमानता बढ़ी। 47 / 63 अगर कांग्रेस विभाजन स्वीकार करती है, तो यह मेरे मृतक शरीर पर से ही होगा। यह कथन किसका है? बी. आर. अम्बेडकर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस जवाहरलाल नेहरू यह प्रसिद्ध कथन गाँधीजी से संबंधित है। गाँधीजी के विचार सत्य, अहिंसा और नैतिकता पर आधारित थे। उनके कथन सामाजिक परिवर्तन और शांतिपूर्ण संघर्ष के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्ति का मार्ग दिखाते हैं। 48 / 63 किसने कहा राज्य की उत्पत्ति जीवन के लिए हुई और उसका अस्तित्व सजीवन के लिए बना हुआ है? अरस्तू बोदां गाँधी लास्की यह विचार अरस्तू से जोड़ा जाता है। अरस्तू ने राज्य को नैतिकता से जोड़ा और उसे सर्वोत्तम जीवन प्राप्त करने का साधन माना। 49 / 63 किसने लिखा है कि एक संतुष्ट सूअर की अपेक्षा एक असंतुष्ट सुकरात होना कहीं अच्छा है? बेन्थम् मिल हेगेल रूसो यह कथन जे. एस. मिल का है। जे. एस. मिल उदारवादी विचारक थे जिन्होंने स्वतंत्रता, प्रतिनिधि शासन और व्यक्तिवाद पर बल दिया। उनके विचार लोकतांत्रिक प्रणाली में तर्क और शिक्षा के महत्व को दर्शाते हैं। 50 / 63 “भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखण्डता को धारित और रक्षित करना” – यह प्रावधान है: नीति-निदेशक सिद्धान्तों में प्रस्तावना में मूल कर्त्तव्यों में मूल अधिकारों में यह मूल कर्तव्यों में वर्णित है। भारतीय संविधान के भाग IV-A में मूल कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है। ये नागरिकों के नैतिक दायित्व हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत वर्तमान में 11 मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) हैं। इन्हें 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था (11वां कर्तव्य 2002 में जुड़ा)। संविधान का पालन: संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना। स्वतंत्रता आंदोलन के आदर्श: स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखना और उनका पालन करना। संप्रभुता और एकता: भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना और उसे अक्षुण्ण बनाए रखना। देश की रक्षा: देश की रक्षा करना और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करना। भाईचारा और सद्भाव: भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करना जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो; साथ ही महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करना। सांस्कृतिक विरासत: हमारी सामासिक संस्कृति (Composite Culture) की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझना और उसका परिरक्षण करना। पर्यावरण संरक्षण: प्राकृतिक पर्यावरण की (जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं) रक्षा करना, उसका संवर्धन करना तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखना। वैज्ञानिक दृष्टिकोण: वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करना। सार्वजनिक संपत्ति: सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना। व्यक्तिगत और सामूहिक उत्कर्ष: व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करना जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए उपलब्धि की नई ऊंचाइयों को छू ले। शिक्षा का अवसर (11वां कर्तव्य): 6 से 14 वर्ष तक की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (इसे 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया)। 51 / 63 निम्नलिखित में से कौन-सी संसद की सबसे बड़ी समिति है? लोक उपक्रम समिति प्राक्कलन समिति लोक लेखा समिति याचिका समिति संसद की सबसे बड़ी समिति प्राक्कलन समिति है। प्राक्कलन समिति संसद की सबसे बड़ी समिति होती है, जो सरकारी व्यय की समीक्षा करती है और आर्थिक दक्षता बढ़ाने के सुझाव देती है। 52 / 63 किसने कहा कि कांग्रेस लार्ड डफरिन के दिमाग की उपज थी? दादा भाई नौरोजी लाला लाजपत राय महात्मा गाँधी बाल गंगाधर तिलक यह कथन तिलक से संबंधित है। तिलक का कथन ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ स्वतंत्रता आंदोलन में प्रेरणा का स्रोत बना और जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 53 / 63 नौकरशाही शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया? हेनरी फेयोल हरबर्ट ए. साइमन विन्सेंट डी गोरने मैक्स वेबर नौकरशाही शब्द का प्रारम्भिक प्रयोग विन्सेंट डी गोरने से जोड़ा जाता है। इस शब्द का उपयोग प्रशासनिक व्यवस्था के लिए किया गया जिसमें नियम, पदानुक्रम और औपचारिक प्रक्रियाओं के आधार पर कार्य होता है। 54 / 63 भारतीय संविधान में संघ-राज्य प्रशासनिक सम्बन्ध किन अनुच्छेदों में वर्णित है? 352-360 256-263 264-291 245-255 संघ-राज्य प्रशासनिक सम्बन्ध अनुच्छेद 256-263 में हैं। इन अनुच्छेदों में केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंधों को परिभाषित किया गया है, जिससे समन्वय बना रहता है। 55 / 63 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा प्रस्तावना में किन शब्दों को जोड़ा गया? लोकतांत्रिक, समाजवादी एवं अखण्डता समाजवादी, पंथनिरपेक्ष एवं अखण्डता समाजवादी, पंथनिरपेक्ष एवं एकता लोकतांत्रिक, समाजवादी एवं पंथनिरपेक्ष 42वें संशोधन से ये शब्द प्रस्तावना में जोड़े गए। 1976 के 42वें संविधान संशोधन द्वारा समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द प्रस्तावना में जोड़े गए, जिससे संविधान की वैचारिक दिशा और स्पष्ट हुई। 56 / 63 यह किसने लिखा है कि हॉब्स की प्राकृतिक दशा का दैत्य, मनुष्य कभी भी नहीं हो सकता? गार्नर बर्नार्ड शॉ स्पिनोजा बार्कर यह कथन बार्कर से संबंधित माना गया है। बार्कर के विचार राज्य, संप्रभुता और लोकतंत्र की व्याख्या में महत्वपूर्ण हैं और उनके सिद्धांत राजनीतिक विज्ञान में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। 57 / 63 निम्नलिखित में से कौन एक बहुलवादी विचारक नहीं है? एच. जे. लास्की जी. डी. एच. कोल ई. बार्कर जॉन ऑस्टिन ऑस्टिन एक बहुलवादी विचारक नहीं थे। ऑस्टिन एक एकतावादी विचारक थे जिन्होंने राज्य को सर्वोच्च सत्ता माना और बहुलवाद का विरोध किया। 58 / 63 शक्ति के संदर्भ में किया जाने वाला राजनीतिक कार्य राजनीति है। यह परिभाषा किसने दी? बार्कर गार्नर सेबाइन लासवेल राजनीति की यह शक्ति-आधारित परिभाषा लासवेल से जुड़ी है। लासवेल ने राजनीति को संसाधनों के वितरण और शक्ति के प्रयोग के रूप में परिभाषित किया, जिसमें ‘कौन, क्या, कब, कैसे पाता है’ शामिल है। 59 / 63 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार एक अंतर्राज्य परिषद की स्थापना निम्न में से किसके द्वारा की जा सकती है ? राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय विकास परिषद द्वारा नीति आयोग द्वारा संसद द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार एक अंतर्राज्य परिषद (Inter-State Council) की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत राज्यों के बीच समन्वय, विवाद समाधान और संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए परिषद बनाई जाती है। 60 / 63 “राजनीति शास्त्र का प्रारम्भ और अन्त राज्य के साथ होता है”। यह कथन है- गार्नर का गिलक्राइस्ट का लीकॉक का लास्की का राजनीति विज्ञान सैद्धान्तिक और व्यवहारिक भागों में विभाजित है। गार्नर के अनुसार राजनीति शास्त्र का प्रारम्भ और अंत राज्य से होता है। 61 / 63 निम्न उपागमों में से किस एक उपागम की दो मुख्य माँगें थी-प्रासंगिकता एवं कार्रवाई? उत्तर-व्यवहारवाद व्यवहारवाद निर्णय-निर्माण सिद्धान्त सम्प्रेषण सिद्धान्त प्रासंगिकता एवं कार्रवाई उत्तर-व्यवहारवाद की मुख्य माँगें थीं। उत्तर-व्यवहारवाद ने राजनीतिक अध्ययन को व्यावहारिक बनाने और समाज की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। 62 / 63 सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए: सूची – । सूची – ॥ I. बिपिन चन्द्र पाल a. गीता रहस्य II. बी. आर. अम्बेडकर b. हिन्द स्वराज III. एम. के. गाँधी c. द सोल ऑफ इण्डिया IV. बी. जी. तिलक d. थाट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स I-c, II-d, III-b, IV-a I-d, II-c, III-b, IV-a I-c, II-d, III-a, IV-b I-a, II-b, III-c, IV-d सही कूट (Code):I-c, II-d, III-b, IV-a मुख्य जानकारी: बिपिन चन्द्र पाल: ‘द सोल ऑफ इण्डिया’ में उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आधारों की व्याख्या की है। बी. आर. अम्बेडकर: ‘थाट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स’ (1955) में उन्होंने भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन पर अपने विचार प्रस्तुत किए थे। एम. के. गाँधी: ‘हिन्द स्वराज’ (1909) गांधीजी की मौलिक कृति है जिसमें उन्होंने आधुनिक सभ्यता और स्वराज की व्याख्या की है। बी. जी. तिलक: बाल गंगाधर तिलक ने ‘गीता रहस्य’ मांडले जेल में लिखी थी, जो भगवद्गीता के कर्मयोग की व्याख्या करती है। 63 / 63 सही कथन चुनिए i. भारत संघ की कार्यपालिका शक्तियाँ प्रधानमंत्री में निहित हैं, ii. प्रधानमंत्री सिविल सेवा बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है। i और ii दोनों न ही i न ही ii केवल i केवल ii उपरोक्त दोनों कथन गलत हैं। कथन i (गलत): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 53(1) के अनुसार, भारत संघ की कार्यपालिका शक्तियाँ राष्ट्रपति (President) में निहित होती हैं, न कि प्रधानमंत्री में। प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यकारी प्रमुख (De facto head) होते हैं, जबकि राष्ट्रपति नाममात्र के कार्यकारी प्रमुख (De jure head) होते हैं। कथन ii (गलत): सिविल सेवा बोर्ड (Civil Services Board) का पदेन अध्यक्ष कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) होता है, न कि प्रधानमंत्री। कैबिनेट सचिव भारत का सर्वोच्च पदस्थ सिविल सेवक और प्रशासनिक पदानुक्रम का प्रमुख होता है। Your score isThe average score is 45% Show more Please login to ask a question Previous Lesson Next Lesson UP TGT PYQ Test Series 2021 PYQ Test : FREE 2021 PYQ Test : FREE2013 PYQ Test : FREE 2013 PYQ Test : FREEUPTGT-PYQ-POLSC-2011 UPTGT-PYQ-POLSC-2011 UPTGT-PYQ-POLSC-2010 UPTGT-PYQ-POLSC-2010 UPTGT-PYQ-POLSC-2009 UPTGT-PYQ-POLSC-2009 UPTGT-PYQ-POLSC-2005 UPTGT-PYQ-POLSC-2005 UPTGT-PYQ-POLSC-2004-Re-Exam UPTGT-PYQ-POLSC-2004-Re-Exam UPTGT-PYQ-POLSC-2004 UPTGT-PYQ-POLSC-2004 UPTGT-PYQ-POLSC-2003 UPTGT-PYQ-POLSC-2003 UPTGT-PYQ-POLSC-2001 UPTGT-PYQ-POLSC-2001 UP PGT PYQ Test Series UP PGT PYQ 2000 UP PGT PYQ 2000