केन्द्रीय कार्यपालिका: राष्ट्रपति FREE Lesson Content Q&A 7 Report a question What’s wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. Total NO. of Questions: 16 Time: 20 Minutes Time’s up Please Submit the Test. राष्ट्रपति Set – 1 1 / 16 निम्नलिखित राष्ट्रपतियों के कार्यकाल को सही कालानुक्रमिक क्रम (शुरू से अंत तक) में व्यवस्थित कीजिए: 1. नीलम संजीव रेड्डी 2. आर. वेंकटरमन 3. के.आर. नारायणन 4. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 1 – 3 – 2 – 4 1 – 2 – 3 – 4 2 – 1 – 3 – 4 4 – 3 – 2 – 1 नीलम संजीव रेड्डी: 1977-1982 आर. वेंकटरमन: 1987-1992 के.आर. नारायणन: 1997-2002 डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: 2002-2007 अतः सही कालानुक्रमिक क्रम 1 – 2 – 3 – 4 है। 2 / 16 भारतीय संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति द्वारा संसद के सदन का सत्रसत्रावसान (Prorogation) करने के लिए मंत्री परिषद की सलाह आवश्यक नहीं है। 2. सदन का सत्रसत्रावसान आमतौर पर अनिश्चित काल के लिए स्थगन के बाद होता है, लेकिन राष्ट्रपति सत्र के दौरान भी सत्रावसान कर सकते हैं। 3. लोकसभा का विघटन राष्ट्रपति द्वारा मंत्री परिषद की सलाह पर किया जाता है। केवल 1 और 2 केवल 1 केवल 3 केवल 2 और 3 कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 85 के तहत कार्यपालक कार्य (आहूत करना, सत्रावसान और विघटन) मंत्री परिषद की सलाह पर किए जाते हैं। कथन 2 सही है: सामान्यतः सत्रावसान ‘स्थगन अनिश्चित काल के लिए’ के बाद होता है, परंतु राष्ट्रपति के पास सत्र के बीच में भी सत्रावसान करने की संवैधानिक शक्ति है। सत्र के दौरान सत्रावसान (विशेष परिस्थिति): संविधान के अनुच्छेद 85(2)(a) के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वे तकनीकी रूप से सत्र के चलते रहने (सदन की बैठकें जारी रहने) के दौरान भी सीधे सत्रावसान कर सकते हैं। ऐसा करने पर कोई संवैधानिक रोक या बाधा नहीं है। कथन 3 सही है: लोकसभा भंग करने की शक्ति राष्ट्रपति मंत्री परिषद की सलाह पर ही प्रयोग करते हैं। 3 / 16 किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम ने राष्ट्रपति को मंत्रिमंडल की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेजने की अनुमति दी? 44वां संशोधन अधिनियम 42वां संशोधन अधिनियम 24वां संशोधन अधिनियम 86वां संशोधन अधिनियम ऐतिहासिक संशोधन: 42वें संशोधन (1976) ने कैबिनेट की सलाह को राष्ट्रपति पर बाध्यकारी बनाया था। पुनर्विचार का अधिकार: 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 74(1) में एक प्रावधान जोड़ा गया, जिससे राष्ट्रपति को सलाह एक बार पुनर्विचार के लिए लौटाने का अधिकार मिला। बाध्यकारिता: यदि मंत्री परिषद पुनर्विचार के बाद पुनः वही सलाह भेजती है, तो राष्ट्रपति उसे मानने के लिए बाध्य हैं। 4 / 16 राष्ट्रपति की अर्हताओं और चुनाव शर्तों के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के लिए अर्हित होना चाहिए। 2. संसद के मनोनीत सदस्य चुनाव में भाग नहीं लेते, लेकिन महाभियोग में भाग लेते हैं। 3. एक वर्तमान उपराष्ट्रपति, राज्यपाल या केंद्रीय मंत्री लाभ के पद पर माना जाता है, इसलिए वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य है। केवल 2 केवल 2 और 3 केवल 1 और 3 1, 2 और 3 कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 58(1)(c) के अनुसार उम्मीदवार को लोकसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखनी चाहिए। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 61 महाभियोग प्रक्रिया में संसद के मनोनीत सदस्यों को वोट देने का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 54 उन्हें चुनाव में मतदान से रोकता है। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 58(2) के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपालों और मंत्रियों को लाभ के पद की अयोग्यता से छूट दी गई है। 5 / 16 भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: प्रत्येक विधायक (MLA) के मत का मूल्य अलग-अलग राज्य में भिन्न होता है। लोकसभा के सांसदों (MPs) के मत का मूल्य राज्यसभा के सांसदों के मत के मूल्य से अधिक होता है। 1 और 2 दोनों केवल 2 न तो 1 और न ही 2 केवल 1 – विधायक के वोट का मूल्य राज्य की जनसंख्या और निर्वाचित विधानसभा सीटों के अनुपात पर निर्भर करता है। – देश के सभी निर्वाचित विधायकों के कुल मत मूल्य को संसद (लोकसभा और राज्यसभा दोनों) के कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या से विभाजित किया जाता है। समान मूल्य: प्रत्येक निर्वाचित सांसद का मत मूल्य (सदन से परे) बिल्कुल समान होता है। Question explanation 6 / 16 अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति के संदर्भ में कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षमादान की शक्ति कोर्ट मार्शल द्वारा दी गई सजा पर भी लागू होती है। 2. राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सलाह के बिना इस शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं। 3. इस शक्ति के प्रयोग की सीमित न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। केवल 1 और 3 केवल 3 1, 2 और 3 केवल 1 और 2 कथन 1 सही है: अनुच्छेद 72(1)(a) में सैन्य अदालत (Court Martial) द्वारा दी गई सजा भी शामिल है। कथन 2 गलत है: राष्ट्रपति क्षमादान शक्ति का प्रयोग केंद्रीय गृह मंत्रालय/कैबिनेट की सलाह पर करते हैं, स्वतंत्र रूप से नहीं। कथन 3 सही है: यदि क्षमादान मनमाने, द्वेषपूर्ण या अप्रासंगिक आधार पर दिया गया हो, तो इसकी सीमित न्यायिक समीक्षा संभव है। 7 / 16 भारतीय संविधान के 70वें संशोधन अधिनियम द्वारा जिन दो केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में शामिल किया गया, वे हैं: दिल्ली और पुडुचेरी दिल्ली और दमन एवं दीव दिल्ली और चंडीगढ़ चंडीगढ़ और पुडुचेरी संवैधानिक संशोधन: 70वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा अनुच्छेद 54 के तहत स्पष्टीकरण में संशोधन किया गया था। निर्वाचक मंडल विस्तार: इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में शामिल किया गया। केवल निर्वाचित सदस्य: मनोनीत सदस्यों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। 8 / 16 अनुच्छेद 61 के तहत राष्ट्रपति पर महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किस सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है? केवल राज्यसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में केवल लोकसभा में संसद के किसी भी सदन में प्रस्ताव की शुरुआत: अनुच्छेद 61(1) के तहत संविधान के उल्लंघन का आरोप संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) द्वारा लाया जा सकता है। प्रक्रियात्मक शर्तें: प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 14 दिन की लिखित सूचना तथा उस सदन की कुल सदस्यता के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। विशेष बहुमत: इसे पारित करने के लिए सदन की कुल सदस्यता के कम से कम दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। 9 / 16 किस अनुच्छेद के तहत भारत के राष्ट्रपति किसी क्षेत्र को ‘अनुसूचित क्षेत्र’ घोषित कर सकते हैं? अनुच्छेद 356 अनुच्छेद 280 पांचवीं अनुसूची के तहत अनुच्छेद 244(1) अनुच्छेद 370 विशेष शक्ति: पांचवीं अनुसूची के पैरा 6 को अनुच्छेद 244(1) के साथ पढ़ने पर, किसी भौगोलिक क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने, उसकी सीमाएं बदलने या पुनर्गठित करने की शक्ति केवल राष्ट्रपति में निहित है। 10 / 16 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के राष्ट्रपति संसद का सत्र ऐसे स्थान पर आहूत कर सकते हैं जिसे वे उचित समझें। 2. भारत का संविधान एक वर्ष में तीन सत्रों का प्रावधान करता है, लेकिन तीनों आयोजित करना अनिवार्य नहीं है। 3. संसद के लिए एक वर्ष में बैठक के दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है। केवल 1 और 2 केवल 1 और 3 केवल 2 1, 2 और 3 कथन 1 सही है: अनुच्छेद 85(1) के तहत राष्ट्रपति प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर बैठक के लिए बुला सकते हैं जिसे वे उपयुक्त समझें। कथन 2 गलत है: संविधान में तीन विशिष्ट सत्रों (बजट, मानसून, शीतकालीन) का उल्लेख नहीं है; केवल यह नियम है कि दो सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। कथन 3 सही है: संविधान में वर्ष में न्यूनतम कार्य दिवसों की कोई अनिवार्य संख्या तय नहीं है। 11 / 16 निम्नलिखित में से कौन भारत के राष्ट्रपति को पद की शपथ दिलाता है? लोकसभा अध्यक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश भारत के उपराष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 60 के तहत राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या उनकी अनुपस्थिति में उच्चतम न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेते हैं। शपथ का मूल तत्व: राष्ट्रपति संविधान और कानून का संरक्षण, सुरक्षा और प्रतिरक्षा करने तथा जनता की सेवा और कल्याण में समर्पित रहने की शपथ लेते हैं। 12 / 16 अनुच्छेद 57 के तहत भारत का राष्ट्रपति कितनी बार पुनर्निर्वाचन के पात्र है? तीन बार दो बार कितनी भी बार केवल एक बार – अमेरिकी संविधान (22वां संशोधन) में दो कार्यकाल की अधिकतम सीमा है, जबकि -भारतीय संविधान का अनुच्छेद 57 राष्ट्रपति को कितनी भी बार पुनर्निवार्चन के लिए पात्र बनाता है। ऐतिहासिक उदाहरण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के इतिहास में एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए हैं। 13 / 16 किस राष्ट्रपति के चुनाव के कारण उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर हुई थी, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश एस.एम. सीकरी की पीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे? ज्ञानी जैल सिंह फखरुद्दीन अली अहमद डॉ. जाकिर हुसैन वराहगिरि वेंकत गिरि (वी.वी. गिरि) शिव किरपाल सिंह बनाम श्री वी.वी. गिरि: 1969 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद, अनुच्छेद 71 के तहत वी.वी. गिरि के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी। कानूनी आधार: भारत के संविधान का अनुच्छेद 71 और राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 की धारा प्रमुख आरोप: नामांकन पत्रों को गलत तरीके से स्वीकार या अस्वीकार करना, अनुचित प्रभाव का उपयोग और रिश्वतखोरी। व्यक्तिगत उपस्थिति: राष्ट्रपति वी.वी. गिरि मुख्य न्यायाधीश एस.एम. सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष स्वयं उपस्थित हुए। फैसला: न्यायालय ने याचिका खारिज कर उनके निर्वाचन को वैध ठहराया। 14 / 16 राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया जाता है, तो निर्णय की तिथि से पूर्व उनके द्वारा किए गए सभी कार्य अमान्य हो जाते हैं । 2. कुछ राज्य विधानसभाओं के भंग होने के आधार पर राष्ट्रपति का चुनाव स्थगित किया जा सकता है। 3. जब कोई विधेयक प्रस्तुत किया जाता है, तो संविधान राष्ट्रपति को अनुमति देने के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित करता है। केवल 1 और 2 केवल 2 और 3 उपर्युक्त में से कोई नहीं केवल 1 और 3 कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 71 स्पष्ट करता है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा चुनाव अवैध घोषित होने से पूर्व राष्ट्रपति द्वारा किए गए आधिकारिक कार्य वैध रहते हैं। इसका मुख्य कारण ‘डी फैक्टो डॉक्ट्रिन’ (De Facto Doctrine) है, ताकि देश की प्रशासनिक और विधायी निरंतरता बनी रहे और राष्ट्रपति द्वारा पहले हस्ताक्षर किए गए कानूनों या फैसलों पर कोई कानूनी संकट न आए। कथन 2 गलत है: विधानसभा भंग होने के कारण निर्वाचक मंडल में रिक्ति होने पर भी चुनाव स्थगित नहीं किया जा सकता। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 111 में राष्ट्रपति द्वारा विधेयक पर सहमति देने या रोकने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। 15 / 16 नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन I: अनुच्छेद 14 के तहत कानून के समक्ष समता का सिद्धांत राष्ट्रपति सहित सभी नागरिकों पर बिना किसी अपवाद के लागू होता है। कथन II: भारत के राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत संवैधानिक उन्मुक्तियां और विशेष अधिकार प्राप्त हैं। कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है कथन I और II दोनों गलत हैं कथन I और II दोनों सही हैं कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है कथन I गलत है: अनुच्छेद 14 का समानता का सिद्धांत निरपेक्ष नहीं है; अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति को संवैधानिक अपवाद और उन्मुक्ति प्रदान करता है। कथन II सही है: अनुच्छेद 361 के तहत राष्ट्रपति पद पर रहते हुए अदालत के प्रति जवाबदेह नहीं हैं और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। 16 / 16 निम्नलिखित में से कौन भारत के राष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए थे? वी.वी. गिरि डॉ. एस. राधाकृष्णन डॉ. राजेंद्र प्रसाद नीलम संजीव रेड्डी जुलाई 1977 में नीलम संजीव रेड्डी को भारत के राष्ट्रपति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। कारण: अन्य सभी नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिए गए थे या वापस ले लिए गए थे। Your score isThe average score is 46% 0% Restart quiz Show more Please login to ask a question Previous Lesson Next Lesson इकाई-7 : भारत में राजनीतिक संस्थाएं केन्द्रीय कार्यपालिका: राष्ट्रपति FREE केन्द्रीय कार्यपालिका: राष्ट्रपति FREEकेन्द्रीय कार्यपालिका: प्रधानमंत्री व मंत्रिमंडल केन्द्रीय कार्यपालिका: प्रधानमंत्री व मंत्रिमंडल उप-राष्ट्रपति उप-राष्ट्रपति संविधान का दर्शन: मूल अधिकार (भाग -3) संविधान का दर्शन: मूल अधिकार (भाग -3)