संघीय व्यवस्था में दोहरा शासन (Dual Polity) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के संवैधानिक विभाजन को दर्शाता है। केंद्र रक्षा/विदेश नीति संभालता है, जबकि राज्य स्थानीय मुद्दे (कृषि/पुलिस) देखते हैं। सातवीं अनुसूची के तहत केंद्र, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से यह सुनिश्चित होता है कि दोनों स्तर अपनी निर्धारित सीमाओं में स्वायत्तता से कार्य करें।
संघीय व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं (Dual Polity in Federalism)
दोहरी सरकारें: संघीय ढाँचे में, संविधान द्वारा केंद्र में एक संघीय सरकार और परिधि पर राज्य सरकारें स्थापित की जाती हैं।
शक्तियों का स्पष्ट विभाजन: भारतीय संविधान का सातवीं अनुसूची के तहत केंद्र, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से दोनों स्तरों की विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियों को स्पष्ट रूप से बांटा गया है।
केंद्र सरकार (संघ सूची): राष्ट्रीय महत्व के विषय जैसे रक्षा, विदेश मामले, मुद्रा, और संचार केंद्र के पास होते हैं।
राज्य सरकार (राज्य सूची): स्थानीय महत्व के विषय जैसे कानून-व्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य और स्थानीय शासन राज्य सरकारों के अंतर्गत आते हैं।
समवर्ती सूची: ऐसे विषय (जैसे शिक्षा, वन) जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन टकराव की स्थिति में केंद्र का कानून मान्य होता है।
स्वतंत्रता और सर्वोच्चता: संविधान सर्वोच्च है और दोनों सरकारों के कार्यों की सीमा तय करता है, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें।